व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प साकार होने से हर वर्ग के जीवन में आ रहा सुखद बदलाव

Created on Friday, 14 August 2026 13:39
Written by Shail Samachar

सुखविन्द्र सिंह सुक्खू
मुख्यमंत्री
हिमाचल प्रदेश

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को मेरी और प्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। 15 अगस्त का यह पावन दिवस समस्त देशवासियों के लिए एक उल्लास का पर्व है। यह अवसर उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और विभूतियों को स्मरण करने का भी है, जिन्होंने इस देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया।
देवभूमि हिमाचल को वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। हमारे प्रदेश के लोगों ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए हमेशा सर्वाेच्च बलिदान दिया है। कम आबादी के बावजूद हमारे प्रदेश के जवान भारी संख्या में सैन्य बलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हमारे प्रदेश के वीर नायकों को चार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है। देश का पहला परमवीर चक्र भी कांगड़ा जिले के मेजर सोमनाथ शर्मा को प्रदान किया गया था। उनके अलावा कैप्टन विक्रम बतरा, मानद कप्तान संजय कुमार और लैफ्टिनेंट कर्नल धनसिंह थापा को भी परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने तीन वर्ष और आठ महीने का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस अवधि में हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी वर्गों तथा सभी क्षेत्रों का अभूतपूर्व विकास किया है। सत्ता संभालते ही हमने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा दिया था और इस संकल्प को धरातल पर साकार किया है। हमारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है और उनका जीवन बदल रहा है।
हमारी सरकार ने वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे अमीर राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। आर्थिक संकट की चुनौती को पार करते हुए अब हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वर्ष 2022-23 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2,14,952 रुपये थी जो 2025-26 में बढ़ाकर 2,83,626 रुपये हो गई है।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हम हर मंच पर लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार अदालत के माध्यम से जीती लड़ाईयों से प्रदेश को अपने हक वापिस मिलने शुरू हुए हैं। कड़छम-वांगतू परियोजना में मुफ़्त बिजली के रूप मंे हमारा हिस्सा 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है जिससे हर साल 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है जबकि पूर्व सरकार ने डेढ़ साल तक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती ही नहीं दी। इसी तरह, वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल का मालिकाना हक वापिस मिलने से प्रदेश के खजाने में 450 करोड़ रुपये आए हैं। इस फैसले से प्रदेश को हर साल 20 करोड़ रुपये की आय होगी।
हमारी सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में भी बड़ी सफलता हासिल की है जिसमें बिजली के रूप में हर साल प्रदेश को 100 करोड़ यूनिट बिजली और लगभग 600 करोड़ रुपये की सालाना आमदनी होगी। पिछली भाजपा सरकार ने इस मामले मंे प्रदेश के हितांे के साथ समझौता किया था। अगर मैं इस मामले में सख्त रुख नहीं अपनाता तो राज्य पर 800 करोड़ रुपये का बोझ पड़ता।
हम शानन विद्युत परियोजना को फिर प्राप्त करने के प्रयास कर रहे हैं। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से हिमाचल प्रदेश के लंबित 7200 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली के लिए भी लड़ाई जारी है। चंडीगढ़ मंे प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से के लिए भी हमने आवाज़ उठाई है। मैं प्रदेश के लोगांे को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कांग्रेस सरकार कभी भी उनके हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी और हम लोगों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।
हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सभी चोर दरवाजों को बंद करने का प्रयास किया है जहां से प्रदेश की सम्पदा को लूटा जाता रहा। हमारी सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हम साफ नीयत से प्रदेश के विकास और जन कल्याण के लिए पूरे समर्पण के साथ काम कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर, पिछली भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला था जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रहीं हैं। हमारी सरकार का साफ संदेश है कि कोई भी भ्रष्टाचारी बच नहीं पाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हमने जब सत्ता संभाली तो प्रदेश पर 76 हजार 700 करोड़ रुपये का कर्ज था। प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां भी पिछली भाजपा सरकार छोड़कर गई। हमने प्रदेश के संसाधनों को बढ़ाया और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए। 16वें वित्त आयोग ने वर्ष 1952 से प्रदेश को मिल रहे 8 से 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान को भी बंद कर दिया लेकिन प्रदेश इस वित्तीय संकट से बाहर आ चुका है और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश के इतिहास में पहली बार गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। कांगड़ा जिले के ढगवार में प्रदेश का पहला स्वचालित मिल्क प्लांट 250 करोड़ रुपये की लागत से इस साल दिसम्बर में काम करना शुरू कर देगा जहां प्रति दिन डेढ़ लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग शुरू होने से हजारों दूध उत्पादकों को लाभ होगा।
हमारी सरकार ने नए होम-स्टे बनाने के लिए ब्याज पर सब्सिडी योजना आरम्भ की है। नए होम-स्टे और मौजूदा होम-स्टे में सुधार के लिए 5 करोड़ रुपये के निवेश तक शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत तथा जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जा रही है।
प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। प्राकृतिक खेती से उगाए गेहूं पर समर्थन मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये किया है। वहीं, मक्की का समर्थन मूल्य 50 रुपये और कच्ची हल्दी का समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। पांगी को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित कर वहां के जौ को 80 रुपये समर्थन मूल्य दिया है। बड़ा भंगाल को भी हमने प्राकृतिक पंचायत का दर्जा दिया है। पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाएं बढ़ाने के लिए डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक बसों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। इससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
हम प्रदेश के अति निर्धन लोगों के लिए अपना परिवार-सुखी परिवार योजना शुरू करने जा रहे हैं। हमने अति गरीब परिवारों का चयन करवाया जिसमें 85 हजार परिवार ऐसे निकले जो कभी बीपीएल में आए ही नहीं और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है। अब तक 1.80 लाख अति निर्धन परिवार चिन्हित किए गए हैं जिनमें 2.50 लाख महिलाओं की आयु 21 वर्ष से अधिक है। हम इन सभी महिलाओं को इन्दिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 1500 रुपये प्रतिमाह की सम्मान राशि देंगे, चाहे एक परिवार में तीन पात्र महिलाएं भी क्यों न हों। इन परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली और जिनके पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
मछुआरों के लिए जलाशयों में मछली पर रॉयल्टी को घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू कर मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान मछुआरों को हर साल 3,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी रही है।
हमारा राज्य देश की पहली बागवानी नीति लागू करने जा रहा है, जिससे लगभग 82,200 लोगों को रोज़गार मिलने की संभावना है। सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन ज़रूरी बनाए जाने से हज़ारों बागवानों को बेहतर दाम मिलने शुरू हुए हैं और उनका शोषण बंद हुआ है।
सेब उत्पादकों को लाभ पहंुचाने के लिए शिमला जिला में पराला और ढली मंडी, धर्मशाला की पासू मंडी जैसे प्रमुख परिसरों का विकास किया जा रहा है। सेब उत्पादकों को लाभ देने के लिए छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर-कुमारहट्टी सड़क के सुधार के लिए 203.52 करोड़ 52 लाख रुपये और टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-खमाडी सड़क को स्तरोन्नत करने के लिए 35 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार इस क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन कर रही है जिसके कारण प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल की है। हमारे प्रयासों से प्रदेश आज गुणात्मक शिक्षा के मामले में देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है जबकि 2021 में भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य 21वें स्थान पर था। प्रदेश में पहली बार अच्छी शिक्षा के लिए घर के नजदीक सीबीएसई स्कूल शुरू करने की पहल की गई है। प्रदेश के 156 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है जिससे सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। अब तक 24 हज़ार से अधिक बच्चों ने प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सीबीएसई स्कूलों में दाखिला लिया है। इन स्कूलों में प्रदेश सरकार केवल 2 हज़ार रुपये फीस ले रही है जबकि प्राइवेट स्कूलों में 50 हज़ार रुपये से अधिक फीस वसूली जाती है।
हमने सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की है ताकि इनमें पढ़ने वाले बच्चे भी भविष्य की चुनौतियों से निपटने के काबिल बन सकें। हमीरपुर में प्रदेश का पहला साईंस कॉलेज और अलाइड एण्ड हेल्थकेयर कॉलेज भी खोला जाएगा।
हमारी सरकार ने डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत देश-विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सिर्फ एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवारिक आय सीमा 4 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की गई है।
प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के बच्चे विदेश में शैक्षणिक भ्रमण पर भेजे जा रहे हैं। 200 शिक्षकों को भी एक्पोजर विजिट पर विदेश भेजा गया ताकि दुनिया की श्रेष्ठ प्रणालियां हिमाचल में लागू की जा सकें।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत विधवाओं और विकलांग माता-पिता के 18 वर्ष तक की आयु के पात्र बच्चों को एक हज़ार रुपये हर महीने दिए जा रहे हैं। 18 से 27 वर्ष तक के सभी बच्चों को प्रदेश और बाहरी राज्यों के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के बाद शिक्षा पर होने वाला खर्च राज्य सरकार उठा रही है। शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 7475 पद भरे गए हैं। जेबीटी के 1700 पद भरे जा रहे हैं। सीबीएसई स्कूलों में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 3000 पदों को भरा हैं।
मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं देने और आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाने के लिए हमारी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हुई है। आईजीएमसी शिमला, टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ चमियाना अस्पताल में यह सुविधा आरम्भ की गई है जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल है। प्राइवेट अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी का खर्च 5 लाख रुपये से ज्यादा आता है जबकि हम प्रदेश में 30 से 80 हज़ार रुपये में यह सुविधा दे रहे हैं। आईजीएमसी शिमला में पैट स्कैन की सुविधा शुरू हो गई है जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। टांडा और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय मेें पैट स्कैन मशीनों की खरीद के लिए टेंडर किए जा चुके हैं।
चमियाना अस्पताल, आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक स्वचालित प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। आधुनिक चिकित्सा मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर लगभग 3 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है। पिछले साढ़े तीन सालों मंे मेडिकल ऑफिसर्ज के 398 पद भरे हैं और 346 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। स्टाफ नर्र्साें के 468 पद भरे जा चुके हैं और 200 अन्य पद जल्दी भरे जाएंगे। सहायक स्टाफ नर्सों के 748 पद भरे गए हैं तथा 530 पद भरे जा रहे हैं। पैरा मेडिकल स्टाफ के 326 पद भरे जा चुके हैं और 407 पद भरने की प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की मज़बूती के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हों, इस सोच के साथ 330 पीजी सीटें बढ़ाने का फैसला किया गया है।
प्रदेश के गरीब परिवारों को बेहतरीन उपचार सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से हमारी सरकार नई स्वास्थ्य बीमा नीति ला रही है जिसके अंतर्गत गरीब परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा बहुत ही कम प्रीमियम पर उपलब्ध होगी।
नए जंगल तैयार करने, मौजूदा वनों को बचाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हम विशेष कदम उठा रहे हैं। हमने ‘मिशन 32 प्रतिशत’ की शुरुआत कर वर्ष 2030 तक राज्य के वन क्षेत्र को 29.5 प्रतिशत से 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। जंगल लगाने और जंगल बचाने में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हमने राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत पौधे लगाने और देखभाल करने वाले महिला मण्डलों और युवक मण्डलों को 1.20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सुशासन की दिशा में हमने प्रदेश में पहली बार तहसील और उप-तहसील स्तर पर विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर लोगों के कई सालों से लंबित मामलों का निपटारा किया है। इंतकाल के 5.44 लाख, तकसीम के 36,870, निशानदेही के 63 हज़ार और दुरुस्ती के 19,890 मामलों का समाधान किया जा चुका है।
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से हमारी सरकार गांवों की समस्याओं को करीब से समझने और उनका समाधान करने के लिए गांवों तक पहुंच रही है। मैंने खुद प्रदेश के दुर्गम इलाकों जैसे बड़ा भंगाल, डोडरा क्वार, कुपवी, बागा-सराहन और सरची जैसे क्षेत्रों में रात्रि प्रवास किया। मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगी भी गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। लोगों से मिल रहे सुझावों और उनकी समस्याओं को हमारी सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं का आधार बना रही है।
पिछले तीन वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 99 हज़ार 799 नए मामले मंजूर किए गए हैं। 1050 से 1100 रुपये तक की मासिक पेंशन प्राप्त कर रहीं 59 वर्ष तक की 2.67 लाख महिलाओं को अब हर महीने 1,500 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। सौ प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1700 रुपये से बढ़ाकर 3 हज़ार रुपये प्रतिमाह की गई है।
समाज के सबसे संवेदनशील और वंचित वर्गों, विशेषकर बेसहारा बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आरम्भ की गई है। इसके लिए देश का पहला कानून हमारी सरकार ने बनाया है। इसके अंतर्गत 27 वर्ष तक के 6 हज़ार बेसहारा बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ दि स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। इन बच्चों की शिक्षा और देखभाल का पूरा खर्च प्रदेश सरकार उठा रही है। अपना स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए उन्हें दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को देश के विभिन्न स्थानों पर एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जा रहा है ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
पर्यटन हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए प्रदेश की आमदनी बढ़ाने और लोगांे को रोज़गार के अवसर देने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। कांगड़ा ज़िला को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू किया जा चुका है। इसके लिए प्रभावित लोगों को 2400 करोड़ रुपये का उचित मुआवजा दिया गया है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंडी जिले में माता बगलामुखी रोपवे लोगांे को समर्पित किया गया है जबकि चिंतपूर्णी मंदिर और बाबा बालकनाथ मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण कार्य जारी है। प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों के साथ-साथ कुल 16 हेलीपोर्ट का निर्माण और विकास कार्य प्रगति पर है।
राज्य सरकार ने आय में वृद्धि और युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए औद्योगिक विकास को प्राथमिकता प्रदान की है। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए हम जल्दी ही अपनी नई उद्योग नीति ला रहे हैं। नई नीति में उद्योगों को प्रोत्साहन पैकेज दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। जलविद्युत क्षेत्र में छोटी परियोजनाओं को विकसित करने, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और गैर-परम्परागत ऊर्जा आधारित निवेश को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने ग्रीन पंचायत कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें सभी पंचायतों में 500 किलोवाट की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाई जा रही हैं। इन परियोजनाओं से होने वाली आय का 25 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ग्राम पंचायत के अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए खर्च किया जाएगा।
राज्य सरकार हर नागरिक को साफ पानी उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में साफ पानी की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की जा रही है। मौजूदा जल बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, उसका पुनर्निर्माण करने और भूजल को रिचार्ज करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।
हम बस यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं। हमारे कदम ई-वाहनों की दिशा में बढ़े हैं। प्रदेश में ई-बसों की संख्या बढ़कर 507 हो चुकी है। हम परिवहन निगम के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक और हाईड्रोजन बसों में बदलने पर काम कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितांे के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें मिलने वाली अनुग्रह राशि में बड़े पैमाने पर वृद्धि की गई है। खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हमने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की है।
वन मित्रों के 2061 पद भरे गए हैं। मंत्रिमंडल की हाल ही में विभिन्न विभागों में अलग-अलग श्रेणियों के 7,500 पद भरने को मंजूरी दी है। पुलिस विभाग में 1088 कांस्टेबलों की भर्ती की गई है। कांस्टेबल के 734 और पद भरे जाएंगे जिसके लिए उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट मिलेगी। सभी पंचायतों में मल्टी टास्क वर्कर के 400 पद, शिक्षा विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के 200 पद, जिला परिषदों के अधीन ग्राम पंचायतों के लिए जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट के 280 पद भरे जाएंगे। 1,975 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक-एक चौकीदार तथा एक-एक मल्टी टास्क वर्कर सहित 3,950 कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।
प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का बहुमूल्य योगदान है और हमारी सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमने एनपीएस कर्मचारियों को ओपीएस दी और अन्य लाभ भी दिए जा रहे हैं।
युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाने के लिए जन सहयोग से हमारी सरकार ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है। जल्द ही ‘खेलो हिमाचल चिट्टा-मुक्त अभियान’ शुरू किया जाएगा जिसके माध्यम से युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। हमने चिट्टा माफिया की पंचायत स्तर तक मैपिंग की है। हमने पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम लागू कर 205 ड्रग माफिया को हिरासत में लिया है। 400 मामलों में नशा माफिया की वित्तीय जांच की जा रही है। नशे की काली कमाई से अर्जित 20 सम्पतियों को गिराया गया है।
मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूं कि आपकी आशाओं और अपेक्षाओं के मुताबिक हमारी सरकार राज्य के हरेक क्षेत्र के विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में, मैं एक बार फिर आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देता हूं तथा समस्त प्रदेशवासियों के सुखमय और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।
जय हिंद, जय हिमाचल।