शिमला/शैल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश कार्यालय ‘दीपकमल’ में ध्वजारोहण के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राष्ट्रीय महत्व के मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक बयानबाजी और अपनी छवि चमकाने के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक दिन है। ऐसे दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया जाना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम बच्चों को देश की आजादी का इतिहास बताने और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित करवाने के लिए होते हैं। लेकिन सरकार इन मंचों का इस्तेमाल मुख्यमंत्री के कामों और प्रचार के लिए कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आपदा के दौरान सरकार द्वारा किए गए कार्यों को स्कूलों के कार्यक्रमों में दिखाकर आखिर सरकार क्या संदेश देना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता का इस सरकार से मोहभंग हो चुका है और अब छोटे बच्चों के कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि जनता के दिल में जगह काम करके बनाई जाती है, प्रचार से नहीं। उन्होंने सरकार पर काम करने के बजाय संस्थानों में तालाबंदी और अव्यवस्था बढ़ाने का आरोप लगाया।
जयराम ने कर्मचारियों, पेंशनरों और एचआरटीसी कर्मियों की मांगों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है। पेट्रोल-डीजल पर लगाये गये सैस को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक संकट का बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन, माल ढुलाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने चुनावी गारंटियों और बजट घोषणाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई वादे अभी तक जमीन पर नहीं उतर पाये हैं। बड़सर के स्कूल कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनुमति का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व को राजनीति का मंच बनाने के बजाय सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।