सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपःजयराम ठाकुर

Created on Wednesday, 24 December 2025 11:03
Written by Shail Samachar

शिमला/शैल।पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति परंपरागत रूप से विकास और सहयोग पर आधारित रही है, लेकिन वर्तमान सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है जिसके दूरगामी परिणाम प्रदेश हित में नहीं होंगे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों, जिन्होंने सरकार का समर्थन नहीं किया, उनके खिलाफ प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और विभागों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे कदमों का परिणाम अंततः सरकार को भुगतना पड़ता है।
नेता प्रतिपक्ष ने हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिस स्वयं शिकायतकर्ता बनी, जबकि संबंधित विभाग की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जमानत से वंचित रखने के लिए गंभीर धाराएं जोड़ी गईं और विधायक को बार-बार थाने बुलाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों, तथा भाजपा नेताओं के परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि संबंधित विभागों को निष्पक्ष एवं कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने आपदा प्रभावित परिवारों से जुड़े मामलों में भी मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस कारवाई संवेदनशीलता के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अन्य विधायकों और नेताओं पर भी दबाव बनाया जा रहा है, जिन्होंने सरकार का विरोध किया या उसका साथ छोड़ दिया।
जयराम ठाकुर ने कांगड़ा कार्निवल के आयोजन को लेकर जारी पत्र पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह एक सरकारी अधिसूचित कार्यक्रम है, ऐसे में इसके आयोजन का खर्च आम जनता से वसूला जाना उचित नहीं है। उन्होंने पूछा कि पत्र जिला प्रशासन के बजाये किसी अन्य स्तर से क्यों जारी किया गया और उसमें आधिकारिक बैंक खाता विवरण क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि दान या सहयोग लिया जा रहा है तो उसकी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और दाताओं को आयकर नियमों के तहत लाभ की जानकारी भी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विभाग को राजनीतिक प्रचार से दूर रहकर तथ्यात्मक और संतुलित सूचना प्रसारित करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संवैधानिक सीमाओं में रहते हुए कार्य करने की सलाह दी।
जयराम ठाकुर ने आपदा राहत से जुड़े मामलों में भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान जिन परिवारों ने अपने परिजन खोए, उनके खिलाफ पुलिस कारवाई की खबरें सामने आई हैं, जो संवेदनशीलता के अभाव को दर्शाती हैं।
उन्होंने बंजार और धर्मपुर क्षेत्रों में कथित अवैध कटान और अवैध खनन के मामलों पर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और कारवाई की मांग की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रतिशोध आधारित राजनीति प्रदेश की संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रशासनिक कारवाई पारदर्शिता, कानून सम्मत प्रक्रिया और तटस्थता के आधार पर की जाये तथा असहमति को अपराध की तरह न लिया जाये।