Thursday, 03 September 2026
Blue Red Green
Home देश राहुल गांधी पर FIR के विरोध में शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन

राहुल गांधी पर FIR के विरोध में शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन

शिमला/शैल। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस ने शिमला में प्रदर्शन कर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एफआईआर को राजनीतिक बदले की कारवाई बताया और कहा कि राहुल गांधी ने केवल एक गंभीर सामाजिक मुद्दा उठाया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और एफआईआर वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे की सभा के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ का मामला सामने आया था। कांग्रेस ने इसे दलित समाज के अपमान से जोड़ा। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया था कि किसी दलित नेता की सभा के बाद इस तरह की कारवाई क्यों की गई और जिम्मेदार लोगों पर कारवाई क्यों नहीं हो रही है।
इसके बाद हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई और पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने सफाई की सामान्य प्रक्रिया को जातीय भेदभाव से जोड़कर वाल्मीकि समाज का अपमान किया और समाज में गलत संदेश दिया।
एफआईआर के विरोध में शिमला में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर हल्द्वानी में वास्तव में ‘शुद्धिकरण’ किया गया था तो इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का सवाल है कि घटना पर कारवाई करने के बजाये राहुल गांधी के खिलाफ ही मामला क्यों दर्ज किया गया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष के नेताओं की आवाज दबाने के लिए कानूनी कारवाई का सहारा ले रही है।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने बिना पूरे तथ्य जाने एक सामान्य सफाई की घटना को जातिगत विवाद बना दिया। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है। पार्टी ने राहुल गांधी से अपने बयान पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग की है।
इस पूरे मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि एफआईआर दर्ज होने का मतलब राहुल गांधी दोषी साबित हो गए हैं, ऐसा नहीं है। पुलिस को शिकायत, वीडियो, ब्यान और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कारवाई तय होगी।
हालांकि राजनीतिक स्तर पर मामला तेजी से गरम हो गया है। राहुल गांधी लगातार दलित अधिकार, सामाजिक न्याय और संविधान के मुद्दे उठाते रहे हैं। कांग्रेस अब इस एफआईआर को भी इसी राजनीतिक लड़ाई से जोड़ रही है। शिमला का प्रदर्शन संकेत दे रहा है कि पार्टी इस मुद्दे को हिमाचल में भी जोर-शोर से उठाएगी।
दूसरी ओर भाजपा भी राहुल गांधी के ब्यान को निशाना बनाकर कांग्रेस पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगा रही है। ऐसे में हल्द्वानी से शुरू हुआ विवाद अब शिमला तक पहुंच गया है और राहुल गांधी की एफआईआर भाजपा-कांग्रेस के बीच एक नए सियासी टकराव का मुद्दा बन गई है।

Add comment


Security code
Refresh

Facebook



  Search