नई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट में आज कोल-गेट मामले पर सुनवाई होगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट सीबीआई की ओर से सौंपी गई ताजा स्टेटस रिपोर्ट को भी देखेगा।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में पिछले महीने तक हुई सभी जांचों का ब्योरा दिया है। इसके अलावा बताया गया है कि छह एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है और फाइनल चार्जशीट तैयार करने का काम चल रहा है।
सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक की जांच में 15 कोल ब्लॉकों में सीबीआई को कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
वहीं, आज केंद्र सरकार कोर्ट को बता सकती है कि वह कुछ कोल ब्लॉक के आवटंन को रद्द करने के हक में है या नहीं। कोल-गेट घोटाले में काले धन के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय आज सुप्रीम कोर्ट को अपना जवाब सौंपेगा।
पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को काले धन के मामलों में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
नई दिल्ली।। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद को लेकर मामला विवादों में फंस गया है। चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री विजय बहुगुणा को हटाकर हरीश रावत को कमान सौंपी जा सकती है, लेकिन कांग्रेस के 18 विधायक उनके खिलाफ नजर आ रहे हैं।
नाराज विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर हरीश रावत को मुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध किया है। रावत विरोधी अभियान में उत्तराखंड के कई बड़े कांग्रेसी नेता शामिल नजर आ रहे हैं।
इन विधायकों का कहना है कि अगर नेतृत्व में परिवर्तन होना ही है तो अगला मुख्यमंत्री मौजूदा विधायकों से चुना जाना चाहिए।
इस लिस्ट में प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्या, मंत्री हरक सिंह रावत और अमृता रावत जैसे नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक इन विधायकों ने अपने पत्र में मीडिया में छपी खबरों का हवाला दिया है।
पत्र में लिखा है कि उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मीडिया में चर्चा हो रही है। इस तरह की अफवाहों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है।
मीडिया में हरीश रावत का नाम चल रहा है। रावत ने पहले भी अपने 7 समर्थक विधायकों के साथ पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने पार्टी आलाकमान के फैसले का विरोध कर पार्टी की छवि धूमिल की थी इसलिए हम नहीं चाहते कि वो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनें।
उधर, हरीश रावत खेमा इस चिट्ठी को झूठा करार दे रहा है। दरअसल पिछले दिनों कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने के बाद कयासों का दौर शुरू है।
बैठक में तय हुआ था कि उत्तराखंड के सीएम के बारे में फैसला विधानसभा के मौजूदा सत्र के बाद लिया जाएगा। माना जा रहा है कि उत्तराखंड कांग्रेस में विजय बहुगुणा को लेकर नाराजगी चल रही है।
उधर, हरीश रावत खुलकर तो कुछ नहीं कहते, लेकिन हालात पर उनकी पैनी नजर है। रावत विरोधी खेमा भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है लेकिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे हैं।
इस बीच उत्तराखंड में विधायकों और मंत्रियों का मुख्यमंत्री से मुलाकात का दौर भी जारी रहा। विधानसभा में कांग्रेस के 32 विधायक हैं और 7 पीडीएफ के सहयोगी हैं।
नई दिल्ली।। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत दर्ज करने के बाद अब “आप” की दिल्ली में लोकसभा चुनाव में भी ऐसी ही कामयाबी दोहरा सकती है।
सर्वे के मुताबिक लोकसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी दिल्ली में कांग्रेस-बीजेपी का सफाया कर देगी। मुंबई में भी पार्टी शानदार प्रदर्शन कर सकती है।
दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में किए गए एक चुनावी सर्वे में कुछ ऐसा ही तस्वीर सामने आ रही है।
सर्वे के मुताबिक दिल्ली के सात में से छह लोकसभा सीटों पर आप जीत का परचम लहरा सकती है। बीजेपी को महज एक सीट मिलेगी जबकि कांग्रेस खाली हाथ ही रह जाएगी। एक न्यूज चैनल के लिए एसी नीलसन के सर्वे में ये बात सामने आई है।
सर्वे के अनुसार लोकसभा चुनाव 2014 में दिल्ली के छह सीटों के अलावा मुंबई-ग्रेटर मुंबई और नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र के एक-एक लोकसभा सीट पर भी आप जीत हासिल करेगी। आप के इस प्रदर्शन का नुकसान बीजेपी कम और कांग्रेस ज्यादा भुगतेगी।
सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर-मुंबई की 21 लोकसभा सीटों में आप कांग्रेस-यूपीए को जबरदस्त नुकसान पहुंचेगी। कांग्रेस और यूपीए के घटक दलों के पास 17 सीटें हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव में यूपीए महज 3 सीटें जीत पाएगी। सर्वे कहता है कि बीजेपी 10 और आम आदमी पार्टी 8 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में पीएम पद के लिए लोगों की पहली पसंद नरेंद्र मोदी ही हैं। दूसरे नंबर पर राहुल गांधी और तीसरे नंबर पर अरविंद केजरीवाल हैं।
लेकिन दिल्ली-एनसीआर में अरविंद केजरीवाल ने मोदी को जबरदस्त टक्कर दी है। सर्वे के अनुसार 45 प्रतिशत लोग मोदी को पीएम बनते देखना चाहते हैं, जबकि 42 प्रतिशत लोगों की पसंद केजरीवाल हैं।
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