शिमला/शैल। भाजपा सांसद एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कांगड़ा जिला के इंदौरा में दिये गये ब्यान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मनरेगा को समाप्त किए जाने का आरोप तथ्यहीन और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि ऐसे ब्यानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है।
डॉ. भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को समाप्त नहीं किया है, बल्कि इसे अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के रूप में संरचनात्मक रूप से सुदृढ़ किया गया है। उनके अनुसार, नए प्रावधानों के तहत रोजगार गारंटी की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन की गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संशोधित ढांचे के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधनों के सृजन और जलवायु अनुकूलन जैसे क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे गांवों में दीर्घकालिक विकास और रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे।
डॉ. भारद्वाज ने संसद में हालिया विधायी प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित विधेयक पर व्यापक चर्चा हुई और बड़ी संख्या में सांसदों ने इसमें भाग लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से विपक्ष के प्रश्नों का उत्तर देने की सहमति व्यक्त की गई थी।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाये रखना सभी दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है और संसदीय मर्यादाओं का पालन लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से नीतिगत सुधारों पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के साथ जनता के बीच अपनी बात रखती रहेगी और किसी भी प्रकार के भ्रम का निराकरण किया जाएगा।