Sunday, 30 November 2025
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खनन कारोबारी कांग्रेस नेता ज्ञान चन्द की जमानत से ई.डी. पर उठे सवाल

शिमला/शैल। नादौन के खनन कारोबारी और कांग्रेस नेता ज्ञान चन्द को ई.डी. द्वारा दर्ज किये गये मनी लॉन्ड्रिंग में सी.बी.आई. के स्पेशल जज की गाजियाबाद स्थित अदालत से 6-7-2025 को जमानत मिल गयी है। इस जमानत से ई.डी. की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आ गयी है। क्योंकि विशेष जज ई.डी. की कार्य प्रणाली के जांच अधिकारी और इस मामले के शिकायतकर्ता के खिलाफ आवश्यक कारवाई करने के निर्देश सी.बी.आई. निदेशक को दिये हैं। सम्रणीय है कि ई.डी.ने 2-7-2024 को धन संशोधन की विभिन्न धाराओं में यह मामला दर्ज किया था और 18-11-2024 को इसमें ज्ञान चन्द की गिरफ्तारी हो गयी थी। उस दौरान इस संद्धर्भ में नादौन, हमीरपुर में छापेमारी हुई थी। इस छापेमारी के बाद चार लोगों के खिलाफ मामला बनाये जाने की चर्चाएं सामने आयी थी। लेकिन गिरफ्तारी केवल दो लोगों ज्ञान चन्द और संजय धीमान की हुई थी। लेकिन जमानत केवल ज्ञान चन्द को ही मिली है। शायद संजय की जमानत याचिका अभी तक आयी ही नहीं है।
ज्ञान चन्द के खिलाफ यह मामला कुछ शिकायतों और गुप्तचर सूचनाओं के आधार पर दायर किया गया था। इन सूचनाओं और शिकायतों का आधार इन लोगों के खिलाफ कांगड़ा और ऊना में 2018 से लेकर 2024 तक दर्ज किये गये सात मामलों को बनाया गया था। जबकि यह सारे मामले ई.डी. द्वारा 2-7-2024 को दर्ज किये गये मनी लांडरिंग के मामले से पहले ही अदालतों द्वारा निपटा दिये गये थे। सारे मामलों में क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दायर और स्वीकार हो चुकी थी। जिसका अर्थ है कि ई.डी. द्वारा मामला दर्ज करने के समय ज्ञान चन्द के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला कहीं पर भी लंबित नहीं था। जबकि ई.डी. द्वारा मामला दर्ज करने के लिये यह अनिवार्य है कि कथित अभियुक्त के खिलाफ कहीं पर कोई मामला चल रहा होना चाहिये। सी.बी.आई. के विशेष जज ने इस वस्तुस्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुये ई.डी. के जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता के खिलाफ कारवाई किये जाने की संस्तुति की है।
इस मामले में जब छापेमारी हुई थी तब यह मामला बहुत चर्चित हुआ था। विपक्ष ने इस मामले में मुख्यमंत्री को यह कह कर घेरने का प्रयास किया था कि ज्ञान चन्द उनका एक खास समर्थक है। मुख्यमंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि ज्ञान चन्द विधानसभा में मेरा समर्थक है परन्तु लोकसभा में वह अनुराग ठाकुर का समर्थक है। ज्ञान चन्द के साथ जो दूसरा व्यक्ति संजय धीमान गिरफ्तार हुआ था उसकी जमानत को लेकर अभी तक कुछ भी सामने नहीं आया है। जबकि वह इसी मामले में ज्ञान चन्द के साथ सह अभियुक्त है। इसमें यह भी स्मरणीय है कि जिन मामलों का जिक्र अदालत में आया वह सारे मामले पूर्व भाजपा सरकार के समय में ही दर्ज हुये और क्लोज भी हुए। कांग्रेस सरकार के समय 2023 में एक मामला ऊना के गगरेट में दर्ज हुआ और उसमें 30 -11-2024 को क्लोजर रिपोर्ट भी आ गई तथा स्वीकार भी हो गयी। यह जमानत का फैसला 3-7-2025 को आया है लेकिन जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता के खिलाफ अभी तक कोई कारवाई होना भी सामने नहीं आया है।

यह है दर्ज मामले की सूची और अदालत का जमानत आदेश

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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